बीमारियाँ
तीन दवाएँ, तीन बीमारियाँ। ये सिर्फ़ बने रहने वाले साइड इफ़ेक्ट नहीं हैं: ये दवा बंद करने के बाद शुरू हो सकती हैं, और स्थायी हो सकती हैं।
पोस्ट-फ़िनास्टेराइड सिंड्रोम (PFS)
फ़िनास्टेराइड (finasteride; Propecia, Proscar, भारत में Finpecia और Finax)। शरीर के कई तंत्रों पर असर डालने वाली बीमारी, जिसका असर यौन क्रिया, मानसिक स्वास्थ्य, संज्ञानात्मक (cognitive) क्षमता और पुरुष शरीर पर पड़ता है।
पूरी जानकारी देखें →पोस्ट-SSRI सेक्शुअल डिस्फ़ंक्शन (PSSD)
SSRI और SNRI एंटीडिप्रेसेंट (डिप्रेशन की दवा)। शरीर के कई तंत्रों पर असर डालने वाली बीमारी, जिसका असर यौन क्रिया, भावनाओं, संज्ञानात्मक क्षमता और इंद्रियों पर पड़ता है।
पूरी जानकारी देखें →पोस्ट-Accutane सिंड्रोम (PAS)
आइसोट्रेटिनॉइन (isotretinoin; Accutane, Roaccutane, भारत में Isotroin और Sotret), मुँहासों की दवा, जो अक्सर किशोरों को दी जाती है। यह बीमारी मानसिक स्वास्थ्य, यौन क्रिया, संज्ञानात्मक क्षमता और शरीर को प्रभावित करती है।
पूरी जानकारी देखें →इन तीनों में क्या समान है?
तीनों में एक ही पैटर्न दिखता है। ज़्यादातर प्रभावित लोग युवा हैं।
- दवा बंद करने के बाद लक्षण बने रह सकते हैं, या पहली बार शुरू हो सकते हैं।
- शुरुआती प्रमाण एपिजेनेटिक बदलाव की ओर इशारा करते हैं, यानी जीन के पढ़े जाने के तरीके में बदलाव।
- बहुत कम डॉक्टर जानते हैं कि ये बीमारियाँ होती हैं।
- इनका कोई मंज़ूर इलाज नहीं है।
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